Two women were caught two days ago, yet the brokerage business is not stopping | दो दिन पहले पकड़ी गई थीं दो महिलाएं, इसके बावजूद नहीं रुक रहा दलाली का कारोबार


मुरैनाएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
जिला अस्पताल का प्रसूता कक्ष - Dainik Bhaskar

जिला अस्पताल का प्रसूता कक्ष

  • जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण फलफूल रहा दलाली का कारोबार

जिला अस्पताल में दलाली का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन पहले अस्पताल की मीडिया आफीसर ने दो महिलाओं को प्रसूताओं से रिश्वत लेते पकड़ा था। उसके बावजूद अस्पताल में दलाल महिलाओं का आना जारी है। यह महिलाएं प्रसूताओं से पैसे ले रही हैं तथा उनको अपने जाल में फंसाकर निजी अस्पतालों में ले जाती हैं। यहां बता दें, कि जिला अस्पताल में दो दिन पहले अस्पताल की मीडिया ऑफीसर रामकली माहौर ने दो महिलाओं को पकड़ा था। यह महिलाएं अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं से उनका अल्ट्रासाउण्ड कराने के ऐवज में 200 रुपए लेती थीं। इनका नाम महादेवी तथा शिल्पी है। यह दोनों महिलाएं राधा नाम की एक प्रसूता से अल्ट्रासाउण्ड कराने के 200 रुपए लेती पकड़ी गई थीं।

राधा नामकी इस महिला से लिए थे पैसे

राधा नामकी इस महिला से लिए थे पैसे

आज भी घूम रही यह महिलाएं
मीडिया अधिकारी ने 9 महिलाओं को चिन्हित किया था जो अस्पताल में आकर दलाली करती हैं। इनके नाम प्रीती जादौन, मंजू, सुनीता जाटव, प्रेमा शर्मा, महादेवी, सरोज हडवासी, राधा जौहरी, शिल्पी परिहार तथा गुड्‌डी हैं। अहम बात यह है कि आज भी यह महिलाएं अस्पताल में आ रही हैं और दलाली कर रही हैं।
नहीं उठाया ठोस कदम
सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता को जब इन महिलाओं द्वारा दलाली किए जाने की शिकायत मिली तो उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने इस मामले में एक सिक्योरिटी गार्ड बैठालकर मामले में खानापूर्ति कर दी है। हकीकत में आज भी ये महिलाएं अस्पताल में आ रही हैं और दलाली कर रही हैं।
निजी नर्सिंग होम में ले जाती प्रसूताओं को
यहां बता दें, कि दलाली करने वाली यह महिलाएं प्रसूताओं को अच्छी सुविधा का तथा जिला अस्पताल में खराब व्यवस्थाओं का हवाला देकर निजी नर्सिंग होम में ले जाती हैं। जिसमें उन्हें निजी नर्सिंगग होम संचालकों से कमीशन मिलता है।
ग्रामीण महिलाएं आ जाती बहकावे में
जिला अस्पताल में ज्यादातर आस-पास के गांवों की महिलाएं डिलीवरी कराने आती हैं। उन्हें यहां के माहौल का पता नहीं होता है। ये दलाल महिलाएं उन्हें अस्पताल में खराब सुविधा होने की बात कहकर भ्रमित कर देती हैं। यह मरीजों को यह कहकर भी डरा देती हैं कि यहां तुम्हारा केस बिगड़ जाएगा, इसलिए पैसों का लालच मत करो तथा निजी नर्सिंग होम में इलाज करा लो। प्रसूताएं केस बिगड़ने की वजह से डर जाती हैं तथा निजी नर्सिंग होम में इलाज कराने चली जाती हैं। बस, यहीं इन महिलाओं का काम बन जाता है।

महादेवी नामक इस महिला को पकड़ा था

महादेवी नामक इस महिला को पकड़ा था

देवी
पैसे लेने में नर्सिंग स्टाफ भी नहीं पीछे
यहां बता दें, कि जिला अस्पताल में पैसे लेने में नर्सिंग स्टॉफ भी पीछे नहीं हैं। प्रसूता वार्ड की नर्सेस द्वारा भी प्रसूताओं से डिलीवरी कराने के लेकर पैसे की मांग की जाती है। जब, पानी सिर से ऊपर गुजर गया तो पीड़ित लोगों ने सीएम हेल्पलाइन में इस बात की शिकायत की। इन शिकायतों पर सुनवाई करने व बदनामी अधिक फैलने पर सिविल सर्जन डॉ. विनोद शर्मा ने कुछ दिन पहले चार नर्स को प्रसूता वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद पैसे के लेनदेन का क्रम थम नहीं रहा है।
अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत
इस बात को अस्पताल की मीडिया प्रभारी रामकली माहौर ने बताया था कि अस्पताल में रिश्वत के इस खेल में अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। इनकी मिलीभगत से ही यह धंधा फलफूल रहा है। इन दलाल महिलाओं से यह कर्मचारी भी पैसे लेते हैं। यही वजह है कि इनके खिलाफ कोई अपना मुंह नहीं खोलता है।
कहते हैं सिविल सर्जन
मैने वहां एक चौकीदार बैठा दिया है, जो इन महिलाओं पर नजर रखेगा। अगर वहां पर यह महिलाएं फिर भी आ रही हैं तो मैं आज ही इस मामले को दिखवाता हूं।
डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन

खबरें और भी हैं…



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*