The couple could not reconcile, seeing the age handed over the custody of the innocent to the mother, the mother had filed a habeas corpus petition to get the girl back | दंपती में सुलह नहीं हो पाई, उम्र देखकर मासूम की कस्टडी मां को सौंपी, बच्ची को वापस दिलाने के लिए मां ने दायर की थी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका


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जोधपुरएक घंटा पहले

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जोधपुर में रहने वाली चार साल की मासूम बच्ची को उसका पिता अपने साथ लेकर चला गया था तथा वह अभी पुणे में थी। पांच महीने से बच्ची के लिए परेशान मां उसे पाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचीं। कोर्ट के आदेश पर पिता बच्ची को लेकर पहुंचे और शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पिता और मां के बीच सुलह के प्रयास किए गए, लेकिन सफल नहीं हुए। कोर्ट ने हिंदू मैरिज एक्ट में प्रावधान का हवाला देते हुए चार साल की बच्ची की कस्टडी उसकी मां को सौंपने के आदेश दिए।

मामले में अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी। मामले के अनुसार एक महिला ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की कि उसकी चार साल की बच्ची है, जिसे उसके पति जबरन अपने साथ लेकर चले गए और उसे अवैध रूप से बंधक बना रखा है। कोर्ट ने पति को निर्देश दिए कि बच्ची को गत 6 अप्रैल को उसके समक्ष पेश करें।

तब पति की ओर से बताया गया कि कोरोना महामारी फैलने की वजह से वह बच्ची के साथ पुणे से जोधपुर तक सफर करने में असमर्थ है। अब शुक्रवार को पिता बच्ची को लेकर कोर्ट पहुंचे। यहां बच्ची के माता-पिता के सुलह के प्रयास किए गए, लेकिन वे सुलह करने के लिए राजी नहीं हुए। कोर्ट ने आगे और प्रयास करने की जरूरत बताई। कोर्ट ने चार साल की बच्ची की उम्र व उसके वेलफेयर को देखते हुए उसकी कस्टडी उसकी मां को सौंपी। अगली सुनवाई 3 सितंबर को दोनों को बच्ची के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए।

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