Bhopal Remote Access App is a new tool; Targeting senior citizens, pensioners and people with more money | रिमोट एक्सेस एप को बनाया नया टूल; पेंशन धारक और अधिक पैसा रखने वाले सीनियर सिटीजन को जाल में फंसा रहे हैं


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भोपाल28 मिनट पहलेलेखक: अनूप दुबे

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बैंक और फोन संबंधी कोई भी जानकारी किसी से शेयर न करें। - प्रतिकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar

बैंक और फोन संबंधी कोई भी जानकारी किसी से शेयर न करें। – प्रतिकात्मक फोटो

मध्यप्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम का निशाना अब सीनियर सिटीजन बन रहे हैं। पेंशन धारक और बैंक में अधिक रुपए रखने वाले सीनियर सिटीजन को यह जाल में फंसा रहे हैं। ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले आरोपी उनसे केवाईसी और अन्य तरह की बातें कर धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद अब भोपाल साइबर क्राइम सेल ने अलर्ट जारी किया है।

एएसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा फ्रॉड का नया तरीका निकाला है। इसमें सीनियर सिटीजन को मोबाइल नंबर बंद हो जाने के नाम पर KYC अपडेट कराना तथा बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट कराने के नाम पर गोपनीय जानकारी ली जा रही है। इसमें आधार कार्ड नंबर, ATM कार्ड, सीवीवी नंबर, जन्मतिथि आदि निजी जानकारी ले ली जाती है।

रिमोट एक्सेस एप से बचें
जालसाज रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए ठगी करने रहे हैं। इसमें मुख्य ऐप जैसे क्विक सपोर्ट, टीम विवर और एनी डेस्क आदि शामिल हैं। आरोपी यह ऐप वरिष्ठ नागरिकों को उनके मोबाइल पर डाउनलोड करवा कर गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। एक बार जानकारी मिलते ही आरोपी फौरन खाते से रुपए दूसरे फर्जी खातों में ट्रांसफर कर उसे ATM से निकाल लेते हैं। इसलिए इस तरह के अपराध से बचने के लिए अहम जानकारी होना जरूरी है।

रिमोट एक्सेस एप जानकारी चुराता है

रिमोट एक्सेस ऐप साइबर फ्रॉड जालसाजी के लिए बनाते हैं। ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल फोन की अहम जानकारी जैसे निजी फोटो, ओटीपी नंबर, पासवर्ड, फोन नंबर आदि जालसाज के पास ऑटोमैटिक पहुंच जाते हैं। इसी जानकारी से आरोपी फ्रॉड करते हैं।

इसका रखें ध्यान

  • गोपनीय जानकारी जैसे आधार नंबर, जन्मतिथि, बैंक में रजिस्टर्ड नंबर, ATM कार्ड नंबर, वैधता दिनांक आदि किसी भी अपरिचित को ना बताएं।
  • किसी भी व्यक्ति से OTP (वन टाइम पासवर्ड) शेयर ना करें।
  • किसी भी व्यक्ति से या किसी अपरिचित के कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप जैसे क्विक सपोर्ट, टीम विवर और एनीडेस्क इत्यादि ऐप डाउनलोड ना करें।
  • किसी अपरिचित द्वारा फोन पर पेटीएम वॉलेट से मनी रिसीव करने के लिए लिंक या क्यूआर कोड आए, तो लिंक और या क्यूआर कोड को स्कैन न करें।

महत्वपूर्ण जानकारी : बैंक और दूरसंचार कंपनियां (टेलीकॉम कंपनियां) KYC अपडेट करने के लिए कोई भी जानकारी फोन से प्राप्त नहीं करती हैं। अगर इस प्रकार की धोखाधड़ी का कॉल भी आए तो साइबर क्राइम के इन नंबरों पर तत्काल सूचना दें- 947 9990 636 या 0725-29 20664

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