93% staff of government schools got vaccine corona reduced the risk of 1.75 lakh students | सरकारी स्कूलों के 93% स्टाफ को लगा टीका कोरोना से 1.75 लाख स्टूडेंट्स का जोखिम कम


भरतपुर6 मिनट पहले

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1 राज्य में 1 सितंबर से खुलेंगे 9वीं-12वीं तक के स्कूल, कोचिंग और कॉलेज। - Dainik Bhaskar

1 राज्य में 1 सितंबर से खुलेंगे 9वीं-12वीं तक के स्कूल, कोचिंग और कॉलेज।

राज्य सरकार ने करीब साढ़े चार माह बाद पहले चरण में 1 सितंबर से 9वीं से 12वीं क्लास तक स्कूल, कोचिंग और कॉलेज खोलने का फैसला किया है। क्योंकि हाल ही कर्नाटक के बेंगलूरु में एक हफ्ते के दौरान 300 स्टूडेंट्स पॉजिटिव हुए थे। हमारे यहां वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी धीमी है। इसलिए दैनिक भास्कर ने अभिभावक, शिक्षक, स्कूल और शिक्षा जगत से जुड़े एक्सपर्ट्स से बात करके जाना कि स्कूल टीचर्स, स्टाफ और युवाओं की वैक्सीनेशन की क्या स्थिति है। स्कूलों में कोविड-19 प्रोटोकॉल किस तरह फॉलो होगा।

उसके लिए क्या तैयारियां हैं। शिक्षक गाइड लाइन को लेकर कितने अपडेट हैंं। पड़ताल के बाद पता चला कि 1 सितंबर से भरतपुर जिले में करीब 1.75 लाख स्टूडेंट्स ऑफ लाइन क्लासेज अटेंड कर सकेंगे। उनके लिए बहुत बड़ा जोखिम नहीं है। क्योंकि सरकारी स्कूलों के 93 प्रतिशत से ज्यादा टीचर्स और स्टाफ वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके हैं।

प्राइवेट स्कूलों का भी दावा है कि उनके अधिकांश टीचर्स को वैक्सीन लग चुकी है। जो बाकी रह गए हैं, वे भी जल्दी ही टीका लगवा लेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह ने बताया कि जिले में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के 1 लाख 75 हजार 106 स्टूडेंट्स ऑफलाइन क्लास अटेंड कर सकेंगे। कोचिंग इंस्टीट्यूट और उनमें अध्ययन कर रहे स्टूडेंट्स का आधिकारिक आंकडा़ उपलब्ध नहीं है।

राज्य सरकार ने संस्था प्रधानों को व्यवस्थाएं करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है। हमारी सभी तैयारियां पूरी हैं। फिलहाल कुल क्षमता के 50% स्टूडेंट्स ही बुलाए जाएंगे। क्लास रूम, फर्श और टेबल-कुर्सियाें को नियमित सैनेटाइज कराया जाएगा। प्रवेश और निकास द्वार पर दो गज की दूरी रखी जाएगी। 9वीं-11वीं और 10वीं-12वीं के टाइमिंग में आधे घंटे का अंतराल रहेगा। फिलहाल 1 से 8 वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन रहेंगी।

भास्कर EXPLANNER ऑनलाइन क्लास का विकल्प उपलब्ध रहेगा

  • क्लास में एक साथ कितने स्टूडेंट्स को बिठाने की अनुमति हाेगी?

क्षमता के 50 फीसदी स्टूडेंट ही एक क्लास में बैठ सकेंगे।

  • स्कूल-काेचिंग में आने वाले स्टाफ को किन शर्तों का पालन करना होगा?

शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को 14 दिन पहले वैक्सीन की एक डोज लग चुकी हाे। कोचिंग स्टाफ को दोनों डोज जरूरी हाेंगी।

  • क्या स्टूडेंट्स स्कूल-काेचिंग में बस, कैब और ऑटो से पहुंच सकेंगे?

स्कूल की बस, कैब और ऑटो चालक को 14 दिन पूर्व कम से कम 1 डोज लगी हाे।

  • अभिभावक अगर बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहें तो क्या विकल्प रहेगा?

स्कूल के लिए स्टूडेंट को अभिभावक से लिखित अनुमति लेनी हाेगी। वे स्कूल नहीं भेजना चाहें तो ऑनलाइन क्लास का विकल्प रहेगा।

  • कोई स्टूडेंट या फैकल्टी पॉजिटिव आए या उसमें लक्षण मिलें तो क्या होगा?

संबंधित कक्षा को 10 दिन के लिए बंद करेंगे। स्टूडेंट या टीचर को एंबुलेंस से कोविड सेंटर भेजा जाएगा।

  • संक्रमण से बचाव के लिए सेनेटाइजर समेत जरूरी चीजों की व्यवस्था कैसे होगी?

मास्क पहनकर आना हाेगा। हर दिन क्लास रूम, फर्श, स्टेशनरी, टेबल-कुर्सियों को सैनेटाइज करना हाेगा।

  • स्कूलों में प्रार्थना सभा, कैंटीन खोलने सहित अन्य कार्यक्रम होंगे?

स्कूलों में प्रार्थना सभा नहीं हाेंगी। स्कूल की कैंटीन भी नहीं खोली जाएंगी। मुख्य प्रवेश द्वार और निकास द्वार पर दो गज दूरी पालना करनी होगी।

पेरेंट्स बोले, बच्चों के भविष्य पर अच्छा फैसला

काेराेना की वजह से 8वीं के एग्जाम नहीं हुए। बेटे को 9वीं में प्रवेश तो मिल गया, लेकिन कक्षाएं शुरू नहीं हुई। इसलिए चिंता थी कि उसका क्या हाेगा। बच्चों के भविष्य को लेकर सरकार ने अच्छा फैसला किया है। नियमित कक्षाएं जरूरी हैं, लेकिन बच्चों की सेहत का भी ध्यान रखना होगा। स्कूल वालों को सभी जरूरी सुरक्षा उपाय करने होंगे।

राजकुमार, भरतपुर

बच्चे बच्चे स्कूल जाएंगे तो पढ़ाई अच्छी हाेगी। ऑनलाइन पढ़ाई से उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी। स्कूल खुलेंगे तो नियमित पढ़ाई होगी। इससे वे एग्जाम की अच्छी तैयारी कर पाएंगे। संक्रमण को हल्के में लेने के बजाय स्कूल सतर्कता बरतें।
चंद्रशेखर, भरतपुर

स्कूल संचालकों ने फैसले काे सराहा

स्कूल खोलने का फैसला सराहनीय है। कोरोना में बच्चों और शिक्षा दोनों को बचाना जरूरी है। नो मास्क नो एंट्री का नियम लागू करेंगे। बिना वैक्सीन किसी स्टाफ को एंट्री नहीं दी जाएगी।

केपी सिंह, जिला उपाध्यक्ष, संयुक्त निजी विद्यालय एवं महाविद्यालय संघ, भरतपुर

पड़ोसी राज्यों में तो पहले ही स्कूल खुल चुके हैं। अब राज्य सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। हम कोविड प्राेटाेकाॅल का पालन सुनिश्चित करेंगे। स्कूलों में पूरी सतर्कता बरती जाएगी।
इंजी. रवि शर्मा, संचालक, बाबा सुग्रीव उमावि, भरतपुर

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