Now the health department will conduct door-to-door survey of leprosy patients | अब कुष्ठ रोगियों का घर-घर सर्वे कराएगा स्वास्थ्य विभाग


भरतपुर3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

कुष्ठ रोग या कोढ़ (लेप्रोसी) को साल 2030 तक खत्म करने का लक्ष्य है। जिले में अभी 16 कुष्ठ रोगी चिह्नित हैं व अन्य का पता लगाने के लिए घर-घर सर्वे कराया जाएगा।

डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य एवं कुष्ठ के नोडल अधिकारी डा. असित श्रीवास्तव ने बताया कि केन्द्रीय लेप्रोसी प्रशिक्षण एवं रिसर्च संस्थान चिंगल पट्टु (तमिलनाडु) के बुधवार को संपन्न हुए 4 दिवसीय में इस संबंध में निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रशिक्षण में संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग के सक्रिय मामलों की कैसे अन्य चर्म रोगों से पहचान की जाए और कैसे उपचार किया जाए।

इधर, डिप्टी सीएमएचओ डा. श्रीवास्तव ने बताया कि भरतपुर में इस समय चिन्हित 16 कुष्ठ रोग के मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इसके अतिरिक्त यदि कुष्ठ रोगी अपना उपचार सरकारी संस्थान से पूर्ण करता है तो उसे सामाजिक पेंशन व अन्य लाभ भी देय होते हैं। उन्होंने बताया कि समाज में कुष्ठ रोगियों की पहचान काफी समय बाद हो पाती है, जिसकी वजह से कुष्ठ रोगी अन्य लोगों को संक्रमित करता रहता है। बाद में कुष्ठ रोगी के स्वयं के भी शरीर में काफी विकृतियां पैदा हो जाती हैं। जिनका फिजियोथैरेपी द्वारा सीमित मात्रा में ही ठीक कर सकते हैं।

कुष्ठ रोग को प्रारंभिक अवस्था में ही पता करने के लिए आशा सहयोगिनी एवं एएनएम से घर -घर सर्वे 14 दिन का कराया जाएगा, जो कि शहरी, ग्रामीण, कच्ची बस्तियों में कराया जाएगा और जहां पहुंचना मुश्किल हो। ऐसे क्षेत्र में होम सर्वे प्रत्येक व्यक्ति का परिवार में होगा एवं संभावित कुष्ठ मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सर्वे टीम रैफर करेंगी।

वहां पर उसके कुष्ठ रोगी होने पर निःशुल्क उपचार दिया जाएगा। जिले में 0-18 साल तक के बच्चों का यह सर्वे आरबीएसके से कराया जाएगा। डिप्टी सीएमएचओ डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि एमडीटी दवाएं निःशुल्क चिकित्सा संस्थानों पर उपलब्ध होने के बावजूद मरीज दवाएं लेने में काफी देरी कर देते हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*