MLA Bharat Singh wrote a letter to the Divisional Commissioner, where did the mistake happen at the administrative level and why did the mistake happen? kota rajasthan | विधायक भरत सिंह ने संभागीय आयुक्त को पत्र लिखा, प्रशासनिक स्तर पर कहां चूक हुई व चूक क्यों हुई?, भीम सागर बांध पर नियुक्त इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं करने को गलती को संरक्षण देना बताया


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कोटाएक घंटा पहले

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कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री भरत सिंह। - Dainik Bhaskar

कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री भरत सिंह।

सांगोद से कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री भरत सिंह ने सांगोद कस्बे में आई बाढ़ की उच्च स्तर कमेटी से जांच करवाने की मांग की है। भरत सिंह ने इस सम्बंध में संभागीय आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि सांगोद तहसील में उजाड़ नदी में बाढ़ आने के कारण और प्रशासन के स्तर पर हुई चूक की जांच करना अति आवश्यक है।

उन्होंने लिखा बाढ़ का प्रमुख कारण तो समूचे उजाड़ नदी के कैचमेंट क्षेत्र में 3 दिन तक भारी वर्षा होना व नदी नाले में पूरा पानी का निकास नहीं होने रहा। इस कारण खानपुर व सांगोद कस्बों में पानी भर गया। साथ ही उजाड़ नदी में भीम सागर बांध से 5 गेट पूरा खोलकर पानी छोड़ा गया, तबाही का कारण बना।

सांगोद कस्बे में पहले भी बाढ़ का पानी आता रहा मगर इस बार पहले के मुकाबले पानी कहीं अधिक था। इसलिए नुकसान ज्यादा हुआ। प्रशासनिक स्तर पर कहां कहां चूक हुई व चूक क्यों हुई। इसकी जांच करना आवश्यक है। भविष्य में बाढ़ आने पर प्रशासन को इस रिपोर्ट से लाभ मिलेगा।

भरत सिंह ने लिखा कि पहली चूक तो भीम सागर बांध से पानी की निकासी की सूचना जिला प्रशासन झालावाड़ द्वारा समय पर जिला प्रशासन कोटा को नहीं भिजवाई गई। रिकॉर्ड देखकर जांच करवाना जरूरी है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। सूचना का समय पर आदान-प्रदान नहीं होना बड़ी भूल है व चूक है।

भीम सागर बांध पर नियुक्त कनिष्ठ अभियंता व सहायक अभियंता का 5 अगस्त की रात को नहीं ठहरना, जब लगातार बारिश हो रही है गंभीर लापरवाही है। भीम सागर बांध के 67% भराव क्षमता पर 6 अगस्त को सुबह 6 बजे सभी पांच गेट पूरे खोलना व बाढ़ के हालात पैदा करना जांच का विषय है।सिंचाई विभाग और प्रशासन द्वारा इतने दिन बाद भी दोषी कनिष्ठ अभियंता सहायक अभियंता पर कार्रवाई नहीं करना, गलती को संरक्षण प्रदान करना है।

इसके साथ ही भरत सिंह ने सांगोद के हिंगी कस्बे में बालिका आवासीय छात्रावास के प्राचार्य जितेंद्र मेघवाल का बाढ़ की सूचना के बाद भी 6 अगस्त को बिना छात्रावास खाली करवा कर चले जाने को गम्भीर बताया और जांच की मांग की।और बालिका आवासीय छात्रावास को इस स्थान पर बंद करें इसे दूसरे स्थान पर बनाने के विषय में सरकार को रिपोर्ट भिजवाने की मांग की।

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