In 3 days, 38 testimony, 78 evidences were presented and the first double hanging was done under POCSO Act in Bhopal. | 3 दिन में 38 गवाही, 78 सबूत पेश कर भोपाल में पॉक्सो एक्ट में पहली दोहरी फांसी करवाई थी


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भोपाल13 घंटे पहले

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आलोक श्रीवास्तव, तत्कालीन कमला नगर टीआई - Dainik Bhaskar

आलोक श्रीवास्तव, तत्कालीन कमला नगर टीआई

  • भोपाल के टीआई आलोक श्रीवास्तव को मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन
  • केंद्र गंभीर मामले सुलझाने वाले प्रदेश के 11 पुलिसकर्मियों का करेगा सम्मान

ज्यादती के बाद 9 साल की मासूम का कत्ल करने वाले हत्यारे को भोपाल जिले के इतिहास में पहली दोहरी फांसी की सजा सुनाई गई थी। 2019 में हुई इस घटना में केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले कमला नगर थाना प्रभारी रहे (वर्तमान में अशोका गार्डन टीआई) आलोक श्रीवास्तव को मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन 2021 से नवाजा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मेडल के लिए 10 अन्य इन्वेस्टिगेटर्स को भी चुना है। इसके लिए सीआईडी की ओर से केंद्र को कुल 14 नाम भेजे गए थे, जिनमें 11 का चयन हुआ है। देशभर में कुल 152 अफसरों को ये मेडल दिया गया है। सबसे ज्यादा 15 मेडल सीबीआई के इन्वेस्टिगेटर्स को मिले हैं।

तीन दिन सो भी नहीं पाया, हर सुनवाई में अदालत में मौजूद रहा

8 जून 2019 की रात करीब साढ़े आठ बजे 9 साल की बच्ची अपने पिता के कहने पर तंबाकू लाने घर से निकली थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो परिवार ने बच्ची की गुमशुदगी दर्ज करवाई। रातभर हम बच्ची को तलाशते रहे। सुबह साढ़े पांच बजे बच्ची का शव मांडवा बस्ती में नाले के पास मिला। आशंका थी कि बच्ची के साथ दुराचार भी हुआ है। बच्ची के घर के आस-पास पूछताछ की तो पता चला कि पड़ोस वाली झुग्गी खाली हो गई है। इसमें विष्णु भामोरे रहता था, जो रात में परिवार के साथ ही बच्ची की तलाश का नाटक करता रहा। झुग्गी की तलासी ली तो हमें कुछ खून और सीमन के निशान मिले। विष्णु की लोकेशन ओंकारेश्वर में मिलने से शक और बढ़ गया। एक टीम उसे पकड़कर थाने लाई। उसने गुनाह कबूल कर लिया। मीडिया के सवालों पर सरकार का बयान आया कि इस मामले में तीन दिन के भीतर चालान पेश किया जाएगा। विष्णु के पकड़े जाने के तीन दिन में हमने 78 सबूतों के साथ चालान अदालत में पेश कर दिया। इन्हीं तीन दिनों के भीतर 38 गवाहियां करवाईं। इन तीन दिनों में न घर जा पाए न ही नींद ली। हर सुनवाई के दौरान मैं अदालत में मौजूद रहा। नतीजा ये रहा कि महीनेभर बाद ही अदालत ने विष्णु को दोहरे मृत्युदंड की सजा सुना दी।
– आलोक श्रीवास्तव, तत्कालीन कमला नगर टीआई

इन्हें भी मिलेगा अवॉर्ड

इस मेडल के लिए सीआईडी की ओर से कुल 14 नाम भेजे गए थे। सिंगरौली में पदस्थ रहे एसआई उमेश प्रताप सिंह, थाना चोरहटा के इंस्पेक्टर अनिमेष द्विवेदी, थाना डूंडासिवनी की महिला एसआई आकांक्षा सहारे, आमला टीआई सुनील लाटा, खंडवा में इंस्पेक्टर रहे जितेंद्र सिंह भास्कर, मंडला की महिला एसआई आरती धुर्वे, रामप्यारी धुर्वे, रतलाम के थाना प्रभारी रेवल सिंह बरडे, खंडवा की महिला एसआई अंजू शर्मा, महू थाना प्रभारी अभय नेमा को भी इस मेडल के लिए चुना गया है।

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