FIR registered against 10 people including DPRO; There is a case of irregularity in the performance grant in five gram panchayats of the district. | DPRO सहित 10 लोगों पर दर्ज हुई FIR; जिले की पांच ग्राम पंचायतों में परफार्मेंस ग्रांट में अनियमितता का है मामला


गोरखपुर17 मिनट पहले

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यहां परफार्मेंस ग्रांट की प्रथम किस्त के रूप में आई धनराशि के फर्जी तरीके से भुगतान के प्रयास व भरोहिया में 22 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का मामला उजागर होने से हड़कंप मच गया। - Dainik Bhaskar

यहां परफार्मेंस ग्रांट की प्रथम किस्त के रूप में आई धनराशि के फर्जी तरीके से भुगतान के प्रयास व भरोहिया में 22 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का मामला उजागर होने से हड़कंप मच गया।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां परफार्मेंस ग्रांट की प्रथम किस्त के रूप में आई धनराशि के फर्जी तरीके से भुगतान के प्रयास व भरोहिया में 22 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का मामला उजागर होने से हड़कंप मच गया। मामले खुलने के बाद आनन फानन में ग्राम पंचायत की अनियमितता के मामले में दो ब्लाकों में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) हिमांशु शेखर ठाकुर सहित 10 पर गुलरिया थाने में केस दर्ज दर्ज कराया गया है।

दो मामलों में दर्ज हुआ केस
इसमें भटहट क्षेत्र की ग्राम पंचायत जंगल हरपुर में परफार्मेंस ग्रांट की प्रथम किस्त के रूप में आई धनराशि के फर्जी तरीके से भुगतान के प्रयास व भरोहिया में 22 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का मामला शामिल है। भटहट में डीपीआरओ सहित 8 लोगों पर जबकि भरोहिया में पूर्व ग्राम प्रधान व सचिव पर पीपीगंज थाने में एफआइआर दर्ज हुई है। उधर, डीपीआरओ हिमांशु शेखर ने उनके ऊपर एफआइआर दर्ज किए जाने को गलत बताया है। उनका कहना है कि इस गांव में उनके प्रयास से ही फर्जी भुगतान रुका था, तो वह दोषी कैसे हो सकते हैं?

47 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का प्रयास
इस मामले में पुलिस ने भटहट की खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी की तहरीर पर करीब 47 लाख रुपये के फर्जी भुगतान के प्रयास के मामले में डीपीआरओ के अतिरिक्त जंगल हरपुर की पूर्व ग्राम प्रधान कृति देवी, उनके प्रतिनिधि दिनेश गुप्ता, डीपीआरओ आफिस के एडीपीएम आकाश चौरसिया, फर्म संचालिका एवं आशा कार्यकत्री सुशीला देवी, उनके पति एवं सफाई कर्मचारी राजेश गुप्ता, सचिव नागेंद्र देव पांडेय एवं कंप्यूटर आपरेटर मो. नईम के खिलाफ आइपीसी की धारा 409 एवं 511 के तहत केस दर्ज किया है।

FIR पर DPRO ने उठाए सवाल
डीपीआरओ ने इस एफआइआर पर सवाल उठाते हुए उच्च अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि राजपत्रित अधिकारी पर केस दर्ज करने के लिए एक प्रक्रिया का पालन करना होता है, इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सक्षम अधिकारी के स्तर से मंजूरी लेनी चाहिए लेकिन कोई मंजूरी नहीं ली गई। इस गांव में सतर्कता के कारण एक भी पैसा नहीं निकल सका था। जिला मुख्यालय से वर्क आइडी जारी होने के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया है। इस संबंध में डीपीआरओ का कहना है कि ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर ग्राम पंचायत की कार्ययोजना को अपलोड करते ही वर्क आइडी जनरेट हो जाती है। उन्होंने जांच समिति की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं।

फर्जी तरीके से कर दिया 22 लाख रुपये का भुगतान
वहीं, भरोहिया के खंड विकास अधिकारी आनंद कुमार गुप्ता की तहरीर पर ग्राम सभा तुर्कवलिया की पूर्व प्रधान गंगोत्री देवी एवं सचिव सुधीर गुप्ता के खिलाफ आइपीसी की धारा 419, 420, 467, 409 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस गांव में 22 लाख रुपये का भुगतान फर्जी तरीके से लाइट लगाने के नाम पर कर दिया गया था। जबकि लाइट नहीं लगाई गई थी। जांच समिति के अनुसार भटहट ब्लाक के जंगल हरपुर में 47 लाख रुपये से अधिक के भुगतान का प्रयास किया गया था।

सचिव नागेंद्र देव पांडेय की सूचना पर मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह एवं जिला पंचायत राज अधिकारी ने लखनऊ बात कर भुगतान होने से रोक दिया था। जिले की पांच ग्राम पंचायतों में अनियमितता मिली थी और सतर्कता के कारण ही जंगल हरपुर के सचिव को केवल प्रतिकूल प्रविष्टि मिली थी। जबकि चार अन्य ग्राम पंचायतों के सचिवों को निलंबित कर दिया गया था।

बोले डीएम- मामले की कराएंगे जांच
डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि जिस गांव में अनियमितता के प्रयास के मामले में एफआइआर हुई है, वहां अधिकारियों के प्रयास से भुगतान होने से बच गया था। आमतौर पर ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली अनियमितताओं में जिला स्तरीय अधिकारी की भूमिका नहीं मिलती। इस एफआइआर के मामले में एसएसपी से बात की गई है। निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, किसी के साथ अन्याय नहीं होने पाएगा। जो दोषी मिलेगा उसपर कार्रवाई होगी।

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