Election Commission Website Hacked; Dainik Bhaskar Report From Vipul Saini Hacker’s Village | BCA सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है हैकिंग का आरोपी, आलीशान मकान में रहता है; पिता ने दिया बड़ा बयान


सहारनपुर2 घंटे पहले

चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट हैक करके फर्जी वोटर ID कार्ड बनाने का आरोपी विपुल सैनी BCA सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है। विपुल ने 12वीं तक की पढ़ाई गांव के ही इंग्लिश मीडियम स्कूल से की है। घर आलीशान है। गांव वालों के मुताबिक, उसके पिता के नाम 30 से 40 बीघे खेत है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट हैक करने की जांच IB करेगी:सहारनपुर के गांव में बैठकर आयोग की वेबसाइट हैक की, तीन महीने में 10 हजार वोटर ID कार्ड बना डाले; MP का दोस्त भी इसमें शामिल

विपुल की गिरफ्तारी से गांव के लोग हैरान हैं। कहते हैं कि वह कभी ऐसा नहीं कर सकता। उधर, विपुल के पिता राम कुमार ने बेटे को बेकसूर बताया। कहा, उसे फंसाया गया है, फिर भी अगर जांच में वह दोषी पाया जाता है तो उससे रिश्ता तोड़ देंगे। ‘दैनिक भास्कर’ की टीम ने शुक्रवार को विपुल के सहारनपुर स्थित मच्छरहेड़ी गांव से ग्राउंड रिपोर्ट की। पेश है रिपोर्ट…

गांव में पसरा सन्नाटा, पिता बोले- उसके अकाउंट में मेरी कमाई
विपुल की गिरफ्तारी के बाद से उसके गांव मच्छरहेड़ी में सन्नाटा है। एक-दो लोग ही बाहर दिखाई दिए। कोई भी बात करने के लिए तैयार नहीं था। विपुल के घर पहुंचने पर उसके पिता राम कुमार ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत की। बोले, मेरा बेटा बेकसूर है। उसे किसी ने फंसाया है। असली दोषी को पुलिस नहीं पकड़ रही है, जबकि पूरा इल्जाम मेरे बेटे पर लगा दिया। वह कभी भी देश के खिलाफ कोई काम नहीं कर सकता था। फिर भी अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

विपुल के पिता राम कुमार ने बेटे को बेकसूर बताया।

विपुल के पिता राम कुमार ने बेटे को बेकसूर बताया।

विपुल के अकाउंट में मिले 60 लाख रुपयों के बारे में जब सवाल हुआ तो राम कुमार ने कहा कि वह मेरी कमाई है। मैं खेती करके, लकड़ी बेचकर, गन्ना बेचकर जो बचाता हूं वो बेटे के अकाउंट में ही डाल देता हूं।

विपुल की गिरफ्तारी के बाद से उसके गांव मच्छराखेड़ी में सन्नाटा है।

विपुल की गिरफ्तारी के बाद से उसके गांव मच्छराखेड़ी में सन्नाटा है।

स्कूल-कॉलेजों की वेबसाइट, आधार कार्ड भी बनाता था
पिता राम कुमार ने कहा, बेटे विपुल को कंप्यूटर चलाने का शौक है। इसलिए वह जन सुविधा केंद्र पर जाकर लोगों का आधार कार्ड बनाता था। उन्होंने बताया कि बीती 11 अगस्त को पुलिस अचानक से घर आ गई। दारोगा ने कहा कि एक मामले में बेटे से पूछताछ करनी है और उठाकर लेते गए। उसके बाद से उससे मिलने नहीं दिया। उधर, गांव वालों का कहना है कि विपुल स्कूल, कॉलेजों के लिए वेबसाइट भी तैयार करता था। इसके अलावा कंप्यूटर से जुड़ी समस्याओं में गांव के लोगों की मदद भी करता था।

विपुल ने 12वीं तक की पढ़ाई गांव के ही इंग्लिश मीडियम स्कूल से की है।

विपुल ने 12वीं तक की पढ़ाई गांव के ही इंग्लिश मीडियम स्कूल से की है।

कब क्या हुआ ?

  • 11 अगस्त को सहारनपुर साइबर सेल ने 11 बजे विपुल सैनी को गिरफ्तार किया।
  • विपुल पर चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट हैक करके फर्जी वोटर ID कार्ड बनाने का आरोप है।
  • पुलिस ने उसका लैपटॉप भी जब्त कर लिया है।
  • 12 अगस्त को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
  • 13 अगस्त को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) की टीम ने इसकी जांच शुरू कर दी। ECI की एक टीम सहारनपुर पहुंची।

3 महीने से वेबसाइट हैक करके कार्ड बना रहा था
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी विपुल सैनी ने अपने दोस्त अरमान मलिक के कहने पर आयोग की वेबसाइट को हैक की थी। तीन महीने के अंदर वह 10 हजार से ज्यादा वोटर ID कार्ड बना चुका था। अरमान मध्य प्रदेश के हरदा का रहने वाला है। पुलिस अब उसे भी गिरफ्तार करने के लिए तलाश रही है।

अरमान मलिक दिल्ली से गिरफ्तार

पुलिस ने दिल्ली से आरोपी अरमान मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली से गिरफ्तार अरमान मलिक से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसका मकसद कहीं आतंकी गतिविधियों में इसका इस्तेमाल करना था या फिर अप्रवासी भारतीयों खासकर भारत आए बांग्लादेशियों के लिए वोटर आईडी उपलब्ध करवाना तो नहीं था। सूत्रों के अनुसार सहारनपुर से पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है। पुलिस आरोपी अरमान मलिक को सहारनपुर भी लाकर पूछताछ कर सकती है।

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