An attempt was made to get a job by making fake mark sheets, a youth absconding for 5 years arrested | फर्जी अंकतालिकाएं बना नाैकरी पाने का किया था प्रयास, 5 साल से फरार युवक गिरफ्तार


श्रीगंगानगरएक घंटा पहले

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  • 2016 में हुई ग्रामीण पाेस्टमैन की भर्ती में विभाग ने ही पकड़ा था गंगानगर-हनुमानगढ़ जिले के 41 पदों के लिए फर्जीवाड़ा, अब तक 40 युवक पकड़े

श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में ग्रामीण पाेस्टमैन पद के लिए उत्तरप्रदेश शिक्षा बाेर्ड की फर्जी अंक तालिकाएं बनवाकर नाैकरी हासिल करने के मामले में 6 साल से फरार युवक काे झुंझुनूं से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जवाहरनगर एसएचओ विश्वजीतसिंह व उनकी टीम की ओर से की गई। आराेपी काे शुक्रवार काे अदालत में पेशकर दाे दिन के रिमांड पर लिया गया है।

एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि झुंझुनूं जिले के पिलानी थाने के श्याेराणाें की ढाणी निवासी 26 वर्षीय विकास महला पुत्र दीपचंद काे उसके घर से दस्तेआब कर लाया गया था। उसे जांच अधिकारी एसएचओ जवाहरनगर विश्वजीतसिंह ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जांच अधिकारी एसएचओ ने बताया कि इस संबंध में गगनपथ स्थित जिला डाक कार्यालय के डाक अधीक्षक जीएल मीणा ने मई 2016 में मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें बताया गया कि केंद्र सरकार की ओर से निकाली गई ग्रामीण पाेस्टमैन की भर्ती में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में लिखित परीक्षा के बाद चयनित अभ्यर्थियाें का दस्तावेज सत्यापन किया गया।

इसी के आधार पर उनकाे नियुक्ति दी जानी थी। दस्तावेजाें की जांच में सामने आया कि 41 युवकाें की 10वीं की अंक तालिका उत्तरप्रदेश राज्य के इलाहाबाद माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड से जारी की हुई हैं। इस पर संदेह हुआ और आंतरिक जांच करवाई गई। इसमें सामने आया कि उक्त सभी अंक तालिकाएं बाेर्ड द्वारा जारी नहीं की हुई हैं। आराेपियाें ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनकाे असल के रूप में इस्तेमाल करते हुए नाैकरी हासिल करने का प्रयास कर सरकार और विभाग काे धाेखा देने का प्रयास किया है।

पुलिस इलाहाबाद जांच करने पहुंची ताे बाेर्ड के बाहर मिली दलालाें की फाैज
जांच अधिकारी विश्वजीतसिंह ने बताया कि तत्कालीन जांच अधिकारी की टीम जब मामला दर्ज हाेने के बाद इलाहाबाद माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड के कार्यालय जांच काे पहुंचे ताे देखकर हैरान रह गए। बाेर्ड कार्यालय के बाहर ही अनेक दलाल खुलेआम घूमते पाए गए जाे हर तरह की अंक तालिकाएं बनवाकर देने काे साैदेबाजी कर रहे थे। पुलिस टीम ने आराेपी युवकाें की डाक विभाग काे पेश की गई 10वीं की 41 अंकतालिकाओं के बारे में बाेर्ड सचिव से सत्यापन करवाया। इसमें बाेर्ड ने लिखित रिपाेर्ट दी कि उक्त अंक तालिकाएं बाेर्ड द्वारा जारी नहीं की गई हैं। उक्त अभ्यर्थी कभी भी इलाहाबाद बाेर्ड के छात्र के रूप में कहीं पर भी पंजीकृत नहीं किए गए हैं। जांच अधिकारी एसएचओ विश्वजीतसिंह ने बताया कि इस मामले में बीते 6 वर्षाें में अलग-अलग जिलाें के 39 युवक पहले गिरफ्तार कर जेल भिजवाए जा चुके थे।

मामले में पूरक चालान काेर्ट में पेश किया जा चुका है। दाे आराेपी अभी फरार चल रहे थे। इसमें से विकास महला काे अब गिरफ्तार किया गया है जबकि आखिरी आराेपी झुंझुनूं जिले के सिंघाणा थाने के दमाेली खुर्द गांव निवासी राहुल जांगिड़ काे अभी गिरफ्तार किया जाना है। पुलिस ने विकास महला से उसके द्वारा बनाई गई फर्जी अंक तालिका काे बरामद करना है। इस मामले में इलाहाबाद के दलाल और आराेपियाें के बीच मध्यस्थता करवाने वालाें काे भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

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