Only 1 month time in neet, so far the situation regarding covid positive students is unclear | नीट में 1 माह का ही समय, अभी तक कोविड पॉजिटिव स्टूडेंट्स को लेकर स्थिति अस्पष्ट


जयपुर2 घंटे पहले

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यह साफ नहीं किया गया है कि अगर नीट के एग्जाम वाले दिन अगर कोई छात्र कोरोना संक्रमित रहा तो उसकी परीक्षा अलग से ली जाएगी या नहीं। - Dainik Bhaskar

यह साफ नहीं किया गया है कि अगर नीट के एग्जाम वाले दिन अगर कोई छात्र कोरोना संक्रमित रहा तो उसकी परीक्षा अलग से ली जाएगी या नहीं।

  • परीक्षा के दिन कोई छात्र संक्रमित है तो उसकी परीक्षा किसी अन्य दिन लेने का प्रावधान नहीं

मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट यूजी में अब एक माह का ही समय रह गया है। लेकिन अभी तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह साफ नहीं किया है कि अगर नीट के एग्जाम वाले दिन अगर कोई छात्र कोरोना संक्रमित रहा तो उसकी परीक्षा अलग से ली जाएगी या नहीं।

नीट का इंफॉर्मेशन ब्रोशर जारी होने के बाद छात्रों को उम्मीद थी कि एनटीए कोविड पॉजिटिव स्टूडेंट्स के लिए अलग से किसी तारीख की घोषणा करेगा। लेकिन अभी तक एनटीए ने ऐसे छात्रों के लिए कोई सूचना जारी नहीं की है।

हालांकि ब्रोशर में तीन से चार जगह पर कोविड शब्द का उपयोग किया गया है, लेकिन एग्जाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं इस साल बीएससी नर्सिंग ऑनर्स में भी नीट से दाखिला मिलेगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नर्सिंग कॉलेजों में भी प्रवेश के लिए नीट के अंक ही मान्य होंगे।

इस साल नीट का दायरा बढ़ा है। नीट की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब 16 लाख से अधिक आवेदन इस साल आने का अनुमान है। नीट की तैयारियों के लिए स्टूडेंट्स अपने दो से तीन साल का समय लगाते हैं। कोविड के चलते अगर वे परीक्षा नहीं दे पाए तो उनकी तैयारियां व समय बर्बाद होगा। एनटीए ने स्थिति को स्पष्ट नहीं करते हुए अभी तक असमंजस बरकरार रखा है।

जेईई साल में चार बार, लेकिन नीट सिर्फ एक दिन ही
छात्र लंबे समय से नीट को अलग-अलग पारियों में करवाने की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना था कि कोरोना को देखते हुए एनटीए जेईई मेन को साल में चार बार करवा रहा है। नीट चार बार नहीं तो कम से कम दो बार होना चाहिए। एनटीए ने उनकी मांग को नहीं माना है और 12 सितंबर को एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में परीक्षा करवाने का निर्णय लिया है। ।

पिछले साल भी दो बार हुआ था नीट का पेपर
पिछले साल भी एनटीए ने नीट को दो दिन में करवाया था। मेन एग्जाम के अलावा जो छात्र एग्जाम वाले दिन पॉजिटिव थे, उनका एग्जाम अलग से करवाया गया था। वहीं बीते कुछ सालों में प्राकृतिक आपदा को लेकर भी कुछ राज्यों में नीट किसी अन्य दिन आयोजित करवाया गया था।

संक्रमण के कारण कुछ राज्यों में हालात अभी भी चिंताजनक
देश में काेरोना के मामले कम हुए हैं, लेकिन केरल व महाराष्ट्र जैसे राज्यों में केस बढ़ रहे हैं। वहीं, कोरोना की तीसरी लहर का खतरा भी सामने है। नीट राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। हर राज्य में इसके केंद्र बनाए जाते हैं। कोविड को देखते हुए एनटीए ने फॉर्म फिलिंग भी दो चरणों में करवाई है। एक चरण पूरा हो चुका है और दूसरे चरण की फॉर्म फिलिंग रिजल्ट से पहले करवाई जाएगी।

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