Grandmother’s death in grief of grandson’s death in pali | 10 साल के मासूम की डूबने से हुई थी मौत, शव देखते ही दादी हो गई थी बेहोश, अस्पताल में भी पूछती रहती मेरा आसिफ कैसा है


रास (पाली)34 मिनट पहले

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आसिफ की दादी बरकती बानो जिसकी पोते की मौत के सदमे में बुधवार देर शाम को मौत हो गई। - Dainik Bhaskar

आसिफ की दादी बरकती बानो जिसकी पोते की मौत के सदमे में बुधवार देर शाम को मौत हो गई।

4 अगस्त को रास के तालाब में नहाने उतरे 10 साल के आसिफ की डूबने से मौत हो गई थी। जब शव को बाहर निकाला तो अपने पोते को देखते ही दादी बरकती बानो (56) की तबीयत खराब हो गई। उसे अपने पोते की मौत का ऐसा सदमा लगा कि अस्पताल भर्ती करवाया पड़ा। पिछले सात दिन से उनका उपचार चल रहा था। आखिर बुधवार देर को उन्होंने अंतिम सांस ली। ग्रामीणों में चर्चा हैं कि आसिफ से उन्हें बहुत ज्यादा लगाव था। यह भी बातते हैं कि परिवार में सबसे ज्यादा वह आसिफ से प्यार करती थी। इलाज के दौरान जब भी वह होश में आती तो अपने बेटे से पूछती मेरा आसिफ कैसा है, वो कहां है।

10 साल का आसिफ जिसकी 4 अगस्त को रास तालाब में डूबने से मौत हुई थी।

10 साल का आसिफ जिसकी 4 अगस्त को रास तालाब में डूबने से मौत हुई थी।

जानकारी के अनुसार रास के सेवरिया दरवाजा निवासी 10 वर्षीय आसिफ पुत्र सलाम तेली 4 अगस्त की दोपहर को अपने दोस्त 16 वर्षीय अजना, 10 वर्षीय मुकेश मेघवाल व 8 वर्षीय अजय मेघवाल के साथ गांव के तालाब में बरसाती पानी से भरे एक गड्डे में नहाने उतरे थे। उन्हें तैरना नहीं आता था। गहरे पानी में जाने से डूबने से चारों की मौत हो गई थी। एक साथ चार मासूमों की अकाल मौत से पूरे गांव शोक में डूब गया था।

आसिफ के घर जब यह बात पता चली तोे दादी के साथ पूरा परिवार घटना स्थल पर पहुंचा। अपने मासूम पोते का शव देखते ही दादी बरकती बानो बेहोश होकर नीचे गिर गई। परिजन उसी दिन अस्पताल ले गए। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया। अजमेर के सरकारी अस्पताल में बरकती बानो का इलाज चल रहा था लेकिन पोते आसिफ की मौत का उन्हें ऐसा सदमा लगा कि अस्पताल से जिंदा घर नहीं लौटी।

घटना के दौरान साथ में था छोटा भाई

जब आसिफ अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहाने उतरा तो उसका छोटा भाई जावेद भी वहीं था। लेकिन वह बाहर ही बैठा रहा। जब चारों डूबने लगे तो उसने घर पर आकर इसके बारे में बताया। परिवार वाले वहां पहुंचे तो इनके शव निकाले जा रहे थे। आसिफ के पिता सद्दाम बाइक रिपेयर का काम करते हैं।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
एक सप्ताह के भीतर घर में दो मौतें होने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हैं। 4 अगस्त को आसिफ की मौत हो गई और अब 11 अगस्त को आसिफ की दादी बरकती बानो की पोते के गम में मौत हो गई। परिवार में एक सप्ताह के भीतर दो मौतें होने से परिवार के लोग सदमे में हैं।

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