For years, the inspectors who survived will be sent out of the division. | वर्षों से जमे निरीक्षक जो बच गए, उन्हें संभाग से बाहर भेजेंगे


इंदौर7 घंटे पहले

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भू-माफियाओं के फेवरेट 11 सहकारी निरीक्षक और दो ऑडिटर को इंदौर से 500 से 600 किमी दूर भेजे जाने के बाद भी कुछ निरीक्षक और ऑडिटर बच गए हैं। सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया ने दो टूक कहा है कि जो अधिकारी बच गए हैं वह भी संभाग से बाहर जाने की तैयारी कर लें। एक दशक से भी अधिक समय तक निरीक्षक, ऑडिटर कैसे डटे रह गए यह आश्चर्यजनक है। इनके तबादला आदेश के साथ ही तत्काल ज्वाइन करने के लिए भी कहा गया है। मंत्री भदौरिया ने भास्कर से बातचीत में कहा कि इंदौर से कुल 13 के ट्रांसफर संभाग से बाहर किए गए हैं। पता चला है कि अभी भी 10 से 11 निरीक्षक और ऑडिटर ऐसे हैं जो एक दशक से भी अधिक से समय से एक ही जगह पर पदस्थ हैं। हाउसिंग सोसायटी, साख संस्थाओं में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत भी पता चली है। अगली तबादला सूची में बाकी बचे हुए भी हटाए जाएंगे। नए निरीक्षक और ऑडिटर को इंदौर भेजा जाएगा। इनके पास जो प्रभार हैं वह नए अधिकारी जल्द समझकर आगे बढ़ाएंगे ताकि सदस्यों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

तिलहन संघ के कर्मचारी, 10 साल से सहकारिता में जमे
10 साल से जमे आशीष सेठिया, आईसी वर्मा, सुरेश भंडारी, एमएम श्रीवास्तव सहित सात कर्मचारियों की तिलहन संघ में नियुक्ति हुई थी। इनका तिलहन की तुलाई, माल भराई करना था। तिलहन संघ का मलाईदार काम बंद हुआ तो लोग प्रतिनियुक्ति पर सहकारिता विभाग में आ गए। फिर साठगांठ कर यही के होकर रह गए। इन्हें सहकारी संस्थाओं में रिसीवर की जिम्मेदारी सौंप दी गई, जबकि इस काम के लिए इनकी योग्यता ही नहीं थी।

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