Deputy CM Keshav Prasad Maurya reached Prayagraj said, The city of Sangam can be made free from floods only by building a corridor on the Ganges | गंगा पर कारीडोर बनाकर ही संगम नगरी को कराया जा सकता है बाढ़ से मुक्त


प्रयागराजएक घंटा पहले

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प्रयागराज में बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई दौरा करने के बाद अधिकारियों संग बैठक करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य - Dainik Bhaskar

प्रयागराज में बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई दौरा करने के बाद अधिकारियों संग बैठक करते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

  • प्रयागराज में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद अधिकारियाें को दिए निर्देश

प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने बृहस्पतिवार को प्रयागराज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया। उसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक करके बाढ़ प्रभावित लोगों हर तरह की राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज को बाढ़ से मुक्त कराना है तो गंगा पर एक कारीडोर बनाना पड़ेगा। सरकार इस पर विचार कर रही है। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी प्रयागराज को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिनका नुकसान हुआ है, उनका तत्काल आकंड़ा तैयार करके शासन को भेजें। ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आंकड़ा तैयार करने को कहा

प्रयागराज के सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज हमने बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया। बहुत से लोग प्रभावित हैं। प्रशासन सभी को राहत पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है। प्रयागराज को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए गंगा पर कारीडोर बनाने पर विचार किया जा रहा है।

रामपथ गमन मार्ग पर चिन्हित किए गए 44 स्थानों को अलग से किया जाएगा विकसित

दो दिन के लिए प्रयागराज-कौशांबी पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने पहले दिन 12 अगस्त को प्रयागराज में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट राम वन गमन मार्ग के बारे में बताया। उन्होंने बताया के चित्रकूट से अयोध्या के बीच में ऐसे 44 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां वन जाते समय भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण के साथ रुके थे, विश्राम किए थे। इन सभी स्थानों का धार्मिक स्थल की तर्ज पर विकास किया जाएगा। ताकि जो लोग अयोध्या से चित्रकूट की यात्रा करें उन्हें इनके बारे में पता चल सके। उन्होंने बताया कि प्रयागराज, कौशांबी और चित्रकूट को इस मार्ग के जरिए जोड़कर इसे पर्यटन का हब बनाना है। इससे पहले सुबह प्रयागराज पहुंचने पर डिप्टी सीएम का पार्टी पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया।

रामवन गमन मार्ग के चार चरण

  • मोहनगंज-जेठवारा दो लेन का 35 किमी. लागत 265 करोड़।
  • अवतारपुर-श्रृंंगवेरपुर दो लेन का 35 किमी. लागत 1800 करोड़।
  • मूरतगंज-समदाबाद महेवा घाट चार लेन बाइपेस 45 किमी. लंबाई लागत 1550 करोड़।
  • प्रयागराज-कौशांबी, चित्रकूट में रैपुरा में फोर लेन 3300 करोड़ रुपए जोड़ेंगे। अक्टूबर 2021 तक में रामवनगमन मार्ग का कार्य शुरू हो जाएगा।

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