Congress councilors were not invited to the smart city meeting, angry councilors complained to the collector; Municipal officers were also accused of discrimination with the mayor | स्मार्ट सिटी की बैठक में नही बुलाया, आक्रोशित पार्षदों ने कलक्टर से की शिकायत; महापौर के साथ निगम अफसरों पर भी लगाया भेदभाव का आरोप


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उदयपुर8 मिनट पहले

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कलक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे कॉंग्रेसी पार्षद। - Dainik Bhaskar

कलक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे कॉंग्रेसी पार्षद।

  • हम भी निगम परिवार के सदस्य, हमें नही बुलाना जनता का अपमान : कांग्रेसी पार्षद
  • उप महापौर ने कहा निगम के विभागों में जा रहे, तो क्या पूछ रहे

उदयपुर नगर निगम में स्मार्ट सिटी की बैठक में कांग्रेसी पार्षदों को नहीं बुलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आक्रोशित पार्षदों ने गुरुवार को जिला कलक्टर मुलाकात कर निगम अफसरों और बीजेपी बोर्ड पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। पार्षदों ने कहा कि हम भी निगम परिवार के सदस्य हैं। ऐसे में महापौर और निगम अफसरों द्वारा हमें नहीं बुलाया जनता से भेदभाव करना है। वही कांग्रेसी पार्षदों के आरोपों पर उपमहापौर ने कहा कि जब कांग्रेसी पार्षद निगम के विभागों में जा रहे हैं तो क्या हम से पूछ कर जा रहे हैं।

दरअसल मंगलवार को हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में भाजपा पार्षदों को बुलाया गया। इस बैठक में स्मार्ट सिटी के एसीईओ प्रदीप सांगावत के साथ स्मार्ट सिटी में आने वाले पार्षदों ने वार्ड की समस्याओं पर लंबी चर्चा की। स्मार्ट सिटी में आने वाले 4 कांग्रेस पार्षदों की सूचना नहीं दी गई। जबकि स्मार्ट सिटी क्षेत्र में वार्डों में कांग्रेस से चमन आरा, शहनाज खान, गौरव प्रताप सिंह और नेहा कुमावत भी पार्षद है। महापौर जीएस टांक इस मामले पर कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं। उपमहापौर पारस सिंघवी ने कहा कि कोई आधिकारिक बैठक नहीं थी। भाजपा पार्षदों ने महापौर के सामने पीड़ा रखी थी तो उन्होंने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को बुला लिया था किसी को अग्रिम सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी पार्षद भी नगर निगम के विभिन्न विभागों में जाते हैं और वे भी जनता की समस्या के लिए किसी भी अधिकारी से मिलने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

कांग्रेस पार्षद गौरव प्रताप सिंह ने कहा कि यह बीजेपी बोर्ड का तानाशाही पूर्ण रवैया है। जिसमें निगम के अधिकारी भी भाजपा नेताओं का साथ दे रहे है। हमें क्यों नहीं बुलाया, इसका जवाब तो अधिकारियों को देना ही होगा। यह मामला राज्य सरकार तक पहुंचाएंगे। वहीं पार्षद नेहा कुमावत ने बताया कि हमें नहीं बुलाया जाना बेहद निंदनीय है। हमारे साथ भेदभाव करना जनता के साथ भेदभाव है। शाहनाज अय्यूब ने कहा कि क्या नगर निगम की नजर में हमारे वार्ड में कोई समस्या नहीं है। यदि हमें भी बुलाया जाता तो हम वार्ड की समस्या बताते।

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