After the Panchayat elections, now there is a demand for conducting student union elections, ABVP-NSUI started the demonstration | पंचायत चुनाव के बाद अब छात्रसंघ चुनाव कराने की उठी मांग, ABVP-NSUI ने शुरू किया प्रदर्शन


  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • After The Panchayat Elections, Now There Is A Demand For Conducting Student Union Elections, ABVP NSUI Started The Demonstration

जयपुरएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
(फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

(फाइल फोटो)

राजस्थान की राजनीति में छात्रसंघ चुनाव का अहम योगदान है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर प्रदेश के कई सांसद और विधायक छात्र राजनीति से ही लोकसभा और विधानसभा तक पहुंचे हैं। लेकिन पिछले 2 साल से कोरोना महामारी ने प्रदेश की छात्र राजनीति पर ग्रहण लगा दिया है। जिसके बाद अब छात्र नेता भी फिर से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग करने लगे हैं।

दरअसल, राजस्थान में कोरोना संक्रमण का असर बढ़ने के साथ ही लॉकडाउन लागू हो गया था। जिसके बाद से अब तक स्कूल और कॉलेज आम छात्रों के लिए नहीं खुल पाए हैं। हालांकि कॉलेज और स्कूलों में ऑनलाइन शैक्षणिक कार्य शुरू हो गया है। जिसकी वजह से घर बैठे ही छात्र शिक्षा दीक्षा ले रहे हैं। ऐसे में इस साल भी छात्र संघ चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है।

राजनीति की पहली सीढ़ी छात्र संघ चुनाव
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री होशियार मीणा का कहना है कि छात्र संघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी है। प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री से लेकर कई नेता छात्र राजनीति से आगे बढ़े हैं। ऐसे में महामारी के इस दौर में छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप चुनाव होने चाहिए। ताकि छात्रों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिल सके।

वहीं NSUI से जुड़े छात्र नेता भी छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। NSUI के प्रदेश प्रवक्ता रमेश भाटी ने कहा कि प्रदेश में पंचायत से लेकर विधानसभा तक चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में हमने उच्च शिक्षा मंत्री भवर सिंह भाटी से भी मुलाकात कर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है। जिस पर मंत्री ने भी महामारी का असर खत्म होने के बाद चुनाव कराने का वादा किया है। ऐसे में इस साल नवंबर तक छात्र संघ चुनाव होने की उम्मीद है।

बता दें कि हर साल राजस्थान में अगस्त के महीने में छात्रसंघ चुनाव होते हैं। लेकिन पिछले 2 साल से चुनाव नहीं होने की वजह से पुराने छात्र नेता ही निवर्तमान बन पदों पर काबिज हैं। वहीं पंचायत चुनाव के ऐलान के साथ ही छात्रों में भी छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ऐसे में देखना होगा शासन प्रशासन छात्रों की मांग को कब तक अमलीजामा पहनाता है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*