Ghaziabad Dasna Temple Updates। Police of two states searching for links of Jantar Mantar Protest and attack, those raising provocative slogans associated with the temple | दिल्ली क्राइम ब्रांच महंत के समर्थक उत्तम और भूपेंद्र को तलाश रही; हमले में घायल साधु आनंद सरस्वती वेंटिलेटर पर


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गाजियाबाद5 घंटे पहले

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बीते 8 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्विट इडिया मूवमेंट के दौरान मुस्लिमों के खिलाफ हुए भड़काऊ नारेबाजी में गाजियाबाद के चर्चित डासना मंदिर का कनेक्शन सामने आया है। उस दिन मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होना था। लेकिन दिल्ली निकलने से पहले उन्हें गाजियाबाद पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया था। लेकिन इससे पहले ही उनके तमाम समर्थक दिल्ली पहुंच चुके थे। इसमें एक उत्तम मलिक है, जो गाजियाबाद में लिंक रोड पर झंडापुर का रहने वाला है। दूसरा भूपेंद्र तोमर उर्फ पिंकी चौधरी है। यह भी गाजियाबाद में शालीमार गार्डन इलाके का है। दोनों ने वहां भड़काऊ नारेबाजी की। पुलिस को इन दोनों की भी तलाश है।

उधर, सोमवार रात डासना मंदिर में अज्ञात के हमले में घायल हुए स्वामी नरेश आनंद सरस्वती की हालत बेहद नाजुक बनी है। उनका इलाज यशोदा हॉस्पिटल में चल रहा है, जहां वे वेंटीलेटर पर हैं। हमलावर कौन हैं, अभी तक इसका पता नहीं चला है। स्वामी नरेश आनंद सरस्वती भी जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने बिहार से यहां आए थे। इस पूरे केस में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच अलग-अलग जांचें कर रही हैं।

मंगलवार तड़के 4 बजे हुआ हमला

बिहार के समस्तीपुर निवासी 58 साल के स्वामी नरेश आनंद सरस्वती 7 अगस्त को दिल्ली आए। 8 अगस्त को वे क्विट इंडिया मूवमेंट की एनिवर्सरी पर हुए प्रोटेस्ट में शामिल हुए। यहां मुस्लिमों के लिए भड़काऊ नारेबाजी हुई। हालांकि भड़काऊ नारेबाजी से जुड़ी किसी भी वीडियो में अभी तक स्वामी नरेश आनंद दिखाई नहीं दिए हैं। प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद से वह डासना मंदिर में ठहरे हुए थे। 10 अगस्त की तड़के चार बजे उन पर पेपर कटर से हमला कर दिया गया। गले और पेट पर गंभीर चोटें हैं। वह यशोदा हॉस्पिटल में वेंटीलेटर पर हैं। इस मामले में डासना पीठाधीश्वर के करीबी अनिल यादव ने अज्ञात लोगों पर मसूरी थाने में एफआईआर कराई है।

दावा- महंत नरसिंहानंद को मारने आए थे हमलावर

डासना मंदिर में स्वामी नरेश आनंद सरस्वती पर हुए जानलेवा हमले में मसूरी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यति नरसिंहानंद महाराज के करीबी अनिल यादव ने एफआईआर कराई है। अनिल के अनुसार, जिस तख्त पर सुबह के वक्त यति नरसिंहानंद बैठते हैं, उस पर सोमवार रात बिहार से आए नरेश आनंद सरस्वती सो रहे थे। जबकि नरसिंहानंद अपने कमरे में सो रहे थे। नरसिंहानंद सरस्वती समझकर हमलावर ने नरेश आनंद सरस्वती पर पेपर कटर से हमला कर दिया। अनिल यादव ने बताया कि यति नरसिंहानंद सरस्वती शिव शक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर हैं। वो सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में लगे रहते हैं। इसके चलते उन्हें पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। पूरे मामले में गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अलग अलग जांच कर रही है।

मंगलवार सुबह साधु खून से लथपथ मिला था।

मंगलवार सुबह साधु खून से लथपथ मिला था।

कुछ और लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी

पुलिस को आशंका है कि साधु पर हुए हमले का जंतर-मंतर से लिंक हो सकता है। क्योंकि वहां भड़काऊ नारेबाजी हुई। इससे देश के मुस्लिमों में इस प्रोटेस्ट को लेकर अलग तरह का संदेश गया। जिसके बाद प्रोटेस्ट करने वालों की गिरफ्तारी की मांग उठनी शुरू हुई। इसी कड़ी में 10 जून को दिल्ली पुलिस ने भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय समेत छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गाजियाबाद और डासना मंदिर से जुड़े कई और लोग पुलिस के निशाने पर हैं, जिनकी गिरफ्तारी बेहद जल्द हो सकती है।

एसपी बोले- जल्द खुलासा होगा

गाजियाबाद के एसपी (ग्रामीण) डॉ. ईरज राजा का कहना है कि साधु पर हमले में आईपीसी 324, 307 में मसूरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। वारदात के वक्त मंदिर परिसर में मौजूद सभी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर के अंदर की सीसीटीवी बंद मिली है। आसपास लगे अन्य कैमरे चेक कराए जा रहे हैं। इलैक्ट्रॉनिक और मैनुअली सर्विलांस से भी जांच जारी है। जल्द पूरे केस का अनावरण किया जाएगा।

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