Drought in Sawan, water is not raining in the taps, despite having a pipeline, water is not coming in the taps | सावन में सूखा, नलों में पानी न बादल बरस रहे, पाइप लाइन होने के बावजूद नलों में नहीं आ रहा पानी


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खंडवा3 घंटे पहले

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पदम कुंड वार्ड के फकीर मोहल्ला क्षेत्र में इस तरह बच्चों सहित बुजुर्गों को भी टैंकर से पानी भरना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति शहर के अन्य क्षेत्रों में भी है। - Dainik Bhaskar

पदम कुंड वार्ड के फकीर मोहल्ला क्षेत्र में इस तरह बच्चों सहित बुजुर्गों को भी टैंकर से पानी भरना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति शहर के अन्य क्षेत्रों में भी है।

  • पदमकुंड वार्ड के लोगों ने निगम में पत्र देकर की शिकायत

वर्षाकाल के दो महीने बीत गए। जलस्रोतों में अपेक्षित मात्रा में पानी आ गया। बावजूद इसके शहर के कई क्षेत्रों में भी लोग दो महीने से भीषण जलसंकट का सामना कर रहे हैं। शहरवासियों का कहना है निगम द्वारा कृत्रिम जलसंकट खड़ा कर टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है। इस संबंध में पदमकुंड वार्ड के आक्रोशित लोगों ने निगम पहुंचकर ज्ञापन दिया। इसमें लिखा कि जिस दिन से कमिश्नर ने काम संभाला उसी दिन खंडवा में गंदा पानी मिला। उसके बाद से आज तक जलसंकट बना हुआ है। क्षेत्र में नई पाइप लाइन होने के बावजूद नलों में पानी नहीं आ रहा है।

इधर, नर्मदा जल योजना की मुख्य पाइप लाइन चारखेड़ा के पास फूटने के कारण शहर के कई क्षेत्रों में मंगलवार को पानी नहीं बंट सका। विश्वा कंपनी ने दो स्थान पर लाइन के लीकेज सुधारे। इनसे पानी लंबे समय से बह रहा था। सुबह 8 बजे चारखेड़ा फिल्टर प्लांट से शहर में की जा रही सप्लाई रोककर सुधार कार्य शुरू किया। शाम तक काम चला। बुधवार दोपहर बाद शहर में इस योजना से पानी आने की संभावना है।

शहर के कई क्षेत्रों में सावन के महीने में जलसंकट ऐसे बना हुआ है जैसे अप्रैल और मई का महीना चल रहा हो। न नलों में पानी आ रहा है न बादल बरस रहे हैं। जलसंकट को लेकर जहां महिलाएं निगम पहुंचकर समस्याएं बता रही हैं तो वहीं सावन में तेज बारिश की कामना को लेकर मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर जारी है। सब की एक ही आस है कि नलों में पानी आए और बादलों से भी।

इधर, विश्वा कंपनी ने चारखेड़ा में लीकेज हुई पाइप लाइन का किया सुधार, आज शाम तक शहर में पानी आने की संभावना

लोग बोले- वॉल्व लगाकर सप्लाई करें पानी

पदमकुंड वार्ड के लोगों ने शिकायत करते हुए पत्र में लिखा गली नंबर 2 में किराना दुकान के सामने पाइप लाइन बिछाने के बाद से दुबे कॉलोनी और फकीर मोहल्ला क्षेत्र में पानी नहीं मिल पा रहा है। टॉवर गली से गोशाला तक ऊंची जगहों पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसलिए टॉवर गली से पदमकुंड रोड की लाइन जोड़ी जाए। शिकायत क्षेत्रवासी लक्ष्मी बाई यादव, शिवप्रसाद यादव, फिरोजा बी, एम एन पठान, शबनम बी, रूबीना बी, शेख वासीद सहित क्षेत्र के कई लोगों ने की।

इधर, टंकियां भरी होने पर कुछ क्षेत्रों में बंटा पानी

नर्मदा योजना की कुछ टंकियां भरी होने के कारण मंगलवार सुबह खानशाहवली, शहर के मध्य क्षेत्र, सिविल लाइंस, पंजाब कॉलोनी, दीनदयालपुरम और शास्त्री नगर क्षेत्र में पानी सप्लाई किया। वहीं संतोषी माता, गुलमोहर कॉलोनी, पदम नगर, संमति नगर सहित अन्य क्षेत्रों में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।

बच्चे-बुजुर्ग हो रहे परेशान, टैंकरों से भराना पड़ रहा पानी

पदमकुंड वार्ड के लोगों ने बताया कि नलों में पानी नहीं आने के कारण बच्चे-बजुर्ग सभी परेशान हो रहे हैं। नर्मदा योजना से शहर में पानी आने के बाद ऐसी स्थिति पहली बार बनी। पिछले सालों में तो गर्मी के मौसम में भी कोई समस्या नहीं हुई थी। इस बार बारिश के मौसम में टैंकरों पर पानी भरने जाना पड़ रहा है। जबकि नर्मदा योजना का ओवर हेड टैंक मोहल्ले के पास ही झीलोद्यान में बना है।

लाइन फूटने से हुई समस्या

आज लाइन फूटने से समस्या हुई है। इसमें कमिश्नर क्या कर सकते हैं। पदम कुंड वार्ड में लाइन पुरानी है। इसलिए समस्या हो रही है। वहां नई लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इससे समस्या खत्म हो जाएगी।
-दिनेश मिश्रा, उपायुक्त, नगर निगम

आठ दिन से नहीं हुई बारिश, तापमान पांच दिन में पांच डिग्री सेल्सियस बढ़ा

  • इंदिरा सागर बांध अब तक 30% ही भरा, सुक्ता बांध भी खाली, बारिश की लंबी खेंच से मुरझाने लगी फसलें
  • जिले में 15.6 इंच ही हुई औसत बारिश, पिछले साल की अपेक्षा अब तक 4.5 इंच कम

शहर में आठ दिन से बारिश नहीं हुई। ऐसी ही स्थिति जिले के अधिकांश क्षेत्रों में है। कुछ जगह रुक-रुककर बौछारें पड़ी। बारिश की लंबी खेंच से फसलें भी मुरझाने लगी हैं। किसानों का कहना है कि आठ दिन और ऐसी ही स्थिति रही तो फसलें खराब हो जाएंगी। इधर, तापमान भी बढ़ने लगा है।

पांच दिन में अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़कर 33.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इधर, इंदिरा सागर बांध में अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत ही पानी भर पाया है। ऐसी ही स्थिति सुक्ता बांध की भी है। जिले में अब तक 15.6 इंच ही औसत बारिश हुई। पिछले साल की अपेक्षा 4.5 इंच बारिश कम हुई है।

चार-पांच दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

चार-पांच दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। मानसून की द्रोणिका हिमाचल की तरफ चली गई है। गुजरात और अरब सागर से नमी आने पर बारिश हो सकेगी।
-गुरुदत्त मिश्रा, वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल

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