Anu returned to Meerut, got sick in Tokyo, suffered serious injuries in shoulder, knee | मेरठ लौटी अनु, टोक्यो में हुई बीमार, कंधे, घुटने में आई हैं गंभीर चोट


मेरठ5 मिनट पहले

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ओलिंपिक से लोटने के बाद परिवार के साथ जैवलिन थ्रोअर अनु रानी - Dainik Bhaskar

ओलिंपिक से लोटने के बाद परिवार के साथ जैवलिन थ्रोअर अनु रानी

टोक्यो ओलिंपिक के भाला फेंक मुकाबले में पिछड़ी अनु रानी बुधवार को मेरठ अपने घर लौटी। बहादुरपुर गांव की अनु रानी घर पहुंची तो परिवार ने उनका स्वागत किया। ओलिंपिक में थ्रो के दौरान अनु के कंधे, घुटने और ऐड़ी में गंभीर चोटे आई हैं। इसलिए टोक्यो से दिल्ली लौटकर वहां से अनु सीधे मुंबई इलाज के लिए गईं। बुधवार को मुंबई से डॉक्टर से परामर्श लेकर लौटी अनु ने दैनिक भास्कर को बताया कि ओलिंपिक नहीं जीत सकी मगर अब निगाहें एशियन चैंपियनशिप के पदक पर हैं। चोट ठीक होते ही दोबारा अभ्यास में जुटना है, ताकि एशियन चैंपियनशिप में देश को सोना दिला सकूं

पिता अमरपाल और भाई के साथ अनु रानी

पिता अमरपाल और भाई के साथ अनु रानी

चोट के कारण नहीं कर पाई बेस्ट

अपने ही नेशनल रिकार्ड को 7 बार ब्रेक करने वाली अनु कहती हैं टोक्यो में अगर थोड़ा और प्रयास करती तो मेडल जरूर लाती। इंजरी और तबियत खराब होने के कारण अच्छा नहीं कर पाई। क्योंकि विजेता खिलाड़ी का थ्रो लगभग वही था जो टार्गेट मैं पहले ले चुकी है। 63 मी. तक जैवलिन थ्रो कर चुकी हूं और ओलिंपिक के विजेता लगभग इसी के आसपास घूमते रहे। तो मैं अच्छा कर सकती थी। अब एशियन की तैयारी करुंगी। यह दूसरी बार है जब अनु एशियन चैंपियनशिप में भाग लेंगी। इससे पहले एशियन चैंपियनशिप में वो ब्रांज मेडल ले चुकी हैं।

अच्छे खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव मिला
ओलिंपिक की पूरी यात्रा यादगार रही। पहला ओलिंपिक था काफी सीखने को मिला। अच्छे खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव मिला जो बहुत अच्छा रहा। रिलेक्स होकर खेलना है ज्यादा प्रेशर नहीं लेना क्योंकि दवाब लिया तो थ्रो खराब होता है यह ओलिंपिक ने सिखाया। वहां कोरोना नियमों का बेहद सख्ती से पालन कराया जा रहा था जिसे देखकर अच्छा लगा। साथ ही खाने के लिए काफी सख्त नियम थे कि बाहर का नहीं खाना है तो ये सारी बातें बेहद नई थी। मौसम और कोविड के कारण कई खिलाड़ियों का परफार्मेंस प्रभावित हुई।

एंकल, नी और शोल्डर में इंजरी के कारण बीमार हुई अनु
अनु को ओलिंपिक में मुकाबले के दौरान काफी इंजरी हुई है। अनु के लेफ्ट शोल्डर और घुटने में इंजरी हुई है। तबियत खराब होने और इंजरी के कारण अनु काफी कमजोर महसूस कर रही हैं। किसी से ज्यादा मिल नहीं रही। अनु ने बताया कि डॉक्टर ने उनकी एमआरआई कराई है। डॉक्टर ने उन्हें सर्जरी के लिए कहा है लेकिन वो सर्जरी नहीं करा रहीं, व्यायाम से ही ठीक करेंगी। अनु के लेफ्ट शोल्डर के कार्टेलाइज में टियर है इसकी वजह से वो काफी परेशान हैं। दर्द के कारण अनु को बुखार भी आ गया है और काफी सर्दी जुकाम है। अनु ने बताया अभी 15-20 दिन घर रहकर तबियत ठीक करुंगी। इसके बाद एकेडमी जाऊंगी। अनु साई पटियाला में रहकर अभ्यास करती है।

अब लोग जैवलिन को और अच्छे से जानेंगे
नीरज चोपड़ा ने ओलिंपिक में जैवलिन थ्रो में देश को स्वर्ण पदक दिलाया। सरकार ने 7 अगस्त को जैवलिन थ्रो दिवस घोषित कर दिया है। दोनों जैवलिन खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। अनु कहती हैं अब लोग जैवलिन को जानने लगेंगे। उन्हें लगेगा कि क्रिकेट के अलावा एथलेटिक्स में खेलों की बड़ी दुनिया है, जिसमें काफी टैलेंटेड खिलाड़ी हैं। इन खिलाड़ियों को अब प्रमोशन भी मिलेगा।

पिता बोले हीरा है म्हारी बेटी
अनु के पिता अमरपाल सिंह ने कहा कि बेटी ओलिंपिक में हार गई इससे कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि अनु लगातार अच्छा खेल रही है और जीत के लिए प्रयास कर रही है। आज 6 महीने बाद बेटी घर आई है वो ओलिंपिक तक गई यही हमारे लिए गर्व की बात है। बेटी हीरा है वो सफल हो इसकी कामना करता रहूंगा।

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