90 percent work of Multi Specialty Hospital of Medical College completed, beginning by second week of October | मेडिकल काॅलेज के मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का 90 प्रतिशत काम पूरा, शुरुआत अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक


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रतलाम2 घंटे पहले

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इस भवन में मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की शुरुआत होना है। - Dainik Bhaskar

इस भवन में मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की शुरुआत होना है।

  • कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कर सकते हैं शिरकत
  • विधायक चेतन्य काश्यप ने दिया सीएम को न्योता, इधर… दूसरी लहर के कारण लेट हुआ अस्पताल का काम, तैयारी दोगुना तेजी से

मेडिकल कॉलेज का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल अक्टूबर महीने के दूसरे सप्ताह से पहले ही शुरू हो जाएगा। अस्पताल की शुरुआत के लिए तैयारियां तेज हो गईं। अस्पताल के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी आ सकते हैं। इसके लिए बुधवार को विधायक चेतन्य काश्यप ने सीएम को न्योता भी दे दिया है। अस्पताल का 90% काम पूरा हो चुका है।

हमारे शहर के स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह सबसे अच्छी खबर है। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत को 3 साल हो चुके हैं लेकिन अब तक सामान्य अस्पताल की शुरुआत नहीं हो सकी है। भवन तैयार है व बेड भी लग चुके हैं लेकिन सामान्य अस्पताल शुरू होने से पहले ही यह कोविड अस्पताल बन गया जिसने हजारों लोगों की जान बचाई। जनवरी-फरवरी में अस्पताल की शुरुआत होना थी लेकिन दूसरी लहर आ गई, इससे काम लेट हो गया। अब एक्टिव केस भी इक्का-दुक्का ही बचे हैं। ऐेसे में दोबारा अस्पताल को शुरू करने की तैयारी तेज है। काम लगभग पूरा हो चुका है, अब अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में अस्पताल शुरू हो जाएगा।। फर्नीचर का काम और मशीनों का इंस्टाॅलेशन जारी है, जो एक महीने में पूरा हो जाएगा।

रोज हो रही बैठक : इधर, अस्पताल के स्टाफ मैनेजमेंट सहित अन्य तैयारियों के लिए मेडिकल कॉलेज में विभागाध्यक्षों व अन्य स्टाफ के साथ रोज बैठक हो रही है। कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता अस्पताल की शुरुआत को लेकर सक्रिय बने हुए हैं। एक-एक तैयारियों को वे खुद देख रहे हैं। शहर विधायक भी इसका रोज अपडेट ले रहे हैं।

फर्नीचर सहित कुछ काम मेडिकल कॉलेज में बकाया

अब एक्टिव केस केवल एक

750 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनना है 550 बेड का अभी कोविड अस्पताल बना हुआ है 2 मरीज ही कोविड अस्पताल में भर्ती हैं 1 कोविड विंग अलग हो जाएगी, अस्पताल की शुरुआत के बाद 10 से ज्यादा मॉड्यूलर ओटी रहेगी कॉलेज में 140 से ज्यादा डॉक्टर अपनी सेवाएं देते हैं 300 से ज्यादा स्टाफ नर्स कॉलेज में है

नर्सिंग स्टाफ की समस्या दूर… सीटी स्कैन मशीन का इंतजार, ज्यादातर मशीनें आईं, इंस्टॉलेशन बाकी

  • कॉलेज के अस्पताल के लिए सबसे बड़ी समस्या नर्सिंग स्टाफ की थी, जो अब दूर हो गई है।
  • कॉलेज में महिला स्टाफ नर्स के 300 से ज्यादा पदों पर भर्ती हुई है। नर्सों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
  • कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ की समस्या का भी समाधान हुआ है।
  • मशीनों का इंस्टाॅलेशन अभी बाकी है, लेकिन कॉलेज में ज्यादातर मशीनें आ चुकी हैं।
  • कोविड काल में एक्स-रे और पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन का उपयोग शुरू भी हो गया है।
  • सीटी स्कैन मशीन का इंतजार है, यदि सीटी स्कैन मशीन कॉलेज में लगती है तो ये बड़ी उपलब्धि होगी।

कसर जो रह गई… दूसरी लहर के ठीक पहले शुरू होना थी ओपीडी

इससे पहले दूसरी लहर के कारण मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की शुरुआत टल गई थी। दूसरी लहर के ठीक पहले अस्पताल की आेपीडी की शुरुआत होना थी। मार्च में तय भी हो गया था कि कॉलेज में मेडिसिन के साथ ही स्किन, नेत्र रोग, नाक कान व गला के मरीज देखे जाएंगे। दवाइयों का इंतजार हो रहा था। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आ गई। आलम ऐसा था कि कॉलेज में 550 बेड थे, लेकिन एक वक्त पर 600 मरीज भी कॉलेज में भर्ती रहे, उनका इलाज किया गया। बेड नहीं मिलने की नौबत भी बनी।

6 जिलों के लोगों को मेडिकल कॉलेज से मिलेगा फायदा, मुख्यमंत्री को बताया – सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं

कॉलेज का अस्पताल पूरी तरह शुरू होने के बाद आसपास के 6 जिलों के लोगों को फायदा होगा। यह संभाग का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज है। विधायक चेतन्य काश्यप ने भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात की। सीएम को रतलाम के मेडिकल कालेज में अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया है। विधायक काश्यप ने बताया कि रतलाम के मेडिकल कॉलेज में अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। स्टॉफ की नियुक्तियां हो चुकी हैं। आवश्यक मशीनें और उपकरणों की आपूर्ति भी हो गई है।

कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज में कोविड हॉस्पिटल को अस्थायी रूप से चालू किया गया था। महामारी के दौरान रतलाम जिले के साथ ही आसपास के जिले धार, झाबुआ, आलीराजपुर, मंदसौर, नीमच के अलावा उज्जैन, इंदौर जिले के कई क्षेत्रों के मरीजों के इलाज में इस अस्पताल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। काश्यप ने अक्टूबर माह के पहले या दूसरे सप्ताह में समय देने का अनुग्रह किया।

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