Unknown person who entered by climbing the wall made several attacks with paper cutter, questions on security from attack amid police promptness | मंदिर के बाहर पुलिस-पीएसी तैनात थी, बावजूद इसके अंदर घुसे बदमाश ने सोते वक्त बिहार के साधु पर पेपर कटर से किए वार; FIR दर्ज


गाजियाबाद12 घंटे पहले

गाजियाबाद के चर्चित डासना देवी मंदिर में मंगलवार तड़के करीब 4 बजे एक अज्ञात बदमाश ने घुसकर स्वामी नरेश आनंद सरस्वती पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया। घायल साधु को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमला क्यों और किसने किया? इस बारे में अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि मसूरी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यति नरसिंहानंद महाराज के करीबी अनिल यादव ने एफआईआर कराई है। हमले के बाद से मंदिर परिसर के आस-पास 24 घंटे पुलिस-पीएसी पिकेट तैनात रहती है। बावजूद इसके हमला होने से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मंदिर में साधु पर हमले में अज्ञात पर FIR दर्ज

डासना मंदिर में स्वामी नरेश आनंद सरस्वती पर हुए जानलेवा हमले में मसूरी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यति नरसिंहानंद महाराज के करीबी अनिल यादव ने एफआईआर कराई है। अनिल के अनुसार, जिस तख्त पर सुबह के वक्त यति नरसिंहानंद बैठते हैं, उस पर सोमवार रात बिहार से आए नरेश आनंद सरस्वती सो रहे थे। जबकि नरसिंहानंद अपने कमरे में सो रहे थे। नरसिंहानंद सरस्वती समझकर हमलावर ने नरेश आनंद सरस्वती पर पेपर कटर से हमला कर दिया।

अनिल यादव ने बताया कि यति नरसिंहानंद सरस्वती शिव शक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर हैं। वो सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में लगे रहते हैं। इसके चलते उन्हें पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। पूरे मामले में गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अलग अलग जांच कर रही है।

बरामदे में सोते वक्त हुआ हमला
बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 58 साल के स्वामी नरेश आनंद सरस्वती 7 अगस्त को गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में रुके हुए थे। रात को वह यती नरसिंहानंद सरस्वती के विश्राम गृह के समीप अतिथि आवास के बरामदे में तख्त पर सो रहे थे। तड़के करीब 4 बजे बदमाश मंदिर की दीवार फांदकर परिसर में घुस गया। आरोपी ने धारदार हथियार से सो रहे स्वामी नरेश आनंद पर कई प्रहार किए और फरार हो गया।

चीख-पुकार मचने पर मंदिर परिसर में सो रहे अन्य साधुओं की नींद खुली। घायल आनंद सरस्वती को कविनगर थाना क्षेत्र स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें यशोदा हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस को मौके से दो पेपर कटर बरामद हुए हैं।

अभी तक की जांच में सामने आया कि स्वामी नरेश आनंद बीते रविवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर भारत छोड़ो आंदोलन की एनिवर्सरी पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके लिए वे बिहार से आए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्वामी नरेश डासना मंदिर में आकर रुक गए थे।

मंदिर में चारों तरफ खून ही खून नजर आया।

मंदिर में चारों तरफ खून ही खून नजर आया।

दिल्ली स्पेशल सेल भी जांच में जुटी
साधु पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच करने के लिए डासना देवी मंदिर पहुंची है। टीम ने मंदिर और अस्पताल पहुंचकर जांच की। इसी मंदिर के नरसिंहानंद महाराज को भी प्रोटेस्ट में जाना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। जंतर-मंतर प्रोटेस्ट और डासना मंदिर के तार आपस में जुड़ते नजर आ रहे हैं।

वहीं, एसपी गाजियाबाद ग्रामीण ईरज राजा ने बताया कि घायल साधु की हालत खतरे से बाहर है। पूरे मामले में सभी पहलुओं पर तफ्तीश की जा रही है। यह पता किया जा रहा है कि हमलावर बाहर से आया था या स्थानीय है।

CCTV कैमरे बंद मिले की सूचना दी गई।

डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के विवादित बयानों के कारण यह मंदिर चर्चा में रहता है। यहां मार्च माह में एक मुस्लिम युवक की पिटाई की गई थी।

डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के विवादित बयानों के कारण यह मंदिर चर्चा में रहता है। यहां मार्च माह में एक मुस्लिम युवक की पिटाई की गई थी।

2 जून को भी मंदिर में घुसे थे दो संदिग्ध
2 जून को भी दो संदिग्ध युवक नाम बदलकर मंदिर परिसर में घुस आए थे। जांच में उनके पास से सर्जिकल ब्लेड और इस्लामी साहित्य बरामद हुआ था। डासना मंदिर के मुख्य महंत यती नरसिंहानंद सरस्वती पहले भी कई बार कह चुके हैं कि उनकी हत्या की साजिश हो रही है। ​​​​​​

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