Madhya Pradesh Bhopal Irani Gang Members Caught By Delhi Police | भोपाल के ईरानी गैंग के 5 बदमाश लूट और ब्लैकमेलिंग करते गिरफ्तार; मध्यप्रदेश, दिल्ली और उत्तरप्रदेश में हत्या और लूटपाट कर चुके हैं



भोपाल14 घंटे पहलेलेखक: अनूप दुबे

आरोपियों के खिलाफ लूट और हत्या जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।

भोपाल के ईरानी गैंग के 5 कुख्यात बदमाशों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी CBI अफसर बनकर लूट और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। दिल्ली पुलिस के कार्रवाई किए जाने के बाद अब MP पुलिस भी सक्रिय हो गई है। MP पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने दिल्ली जाएगी। जरूरत पड़ी तो पुलिस आरोपियों को पूछताछ के लिए MP भी ला सकती है। बदमाशों की तलाश मध्यप्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश के जौनपुर और दिल्ली के कई थानों की पुलिस को थी। तीनों राज्यों में इन्होंने हत्या और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है।

सेंट्रल दिल्ली जिला पुलिस की करोलबाग थाना पुलिस की टीम ने 5 आराोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी CBI अधिकारी बनकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। सभी आरोपी भोपाल के ईरानी गैंग के सदस्य हैं। यह CBI अधिकारी बताकर राजधानी दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों में लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुके हैं। इन पर उत्तरप्रदेश के जौनपुर, मध्यप्रदेश और दिल्ली के कई थानों में हत्या, लूटपाट जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच के एएसपी गोपाल धाकड़ ने बताया कि जानकारी आई है, हम उसकी तफ्तीश कर रहे हैं।

यह जब्त हुआ

  • CBI अफसर के पांच फर्जी ID कार्ड
  • ठगी की सोने की चेन
  • 7 मोबाइल फोन

पकड़े गए आरोपी

  • मोहब्बत अली उर्फ मोहम्मद साबिर हुसैन – मध्यप्रदेश के भोपाल रेलवे स्टेशन के पास ईरानी मुहल्ला निवासी
  • मोहम्मद काबिल उर्फ इमरान उर्फ इमरान हुसैन- संजय नगर कॉलोनी, रायसेन, भोपाल मूल का रहने वाला
  • अनवर अली- संजय नगर कॉलोनी, रायसेन, भोपाल मूल का रहने वाला
  • शौकत अली जाफरी- जेल रोड, संजय नगर कॉलोनी, रायसेन, भोपाल मूल का रहने वाला
  • मुख्तियार हुसैन- किला रोड, संजय नगर कॉलोनी, रायसेन, भोपाल मूल का रहने वाला

भोपाल में बड़ी कार्रवाई पहले हो चुकी

भोपाल रेलवे स्टेशन के सामने बने ईरानी डेरे पर प्रशासन पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुका है। यहां बने अवैध निर्माण को प्रशासन गिरा चुका है। यह कार्रवाई करीब डेढ़ साल पहले की गई थी। ईरानी यहां पर अवैध रूप से दुकानें बनाकर उन्हें किराए पर चलाते थे। अधिकांश लोगों पर कई थानों में आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं।

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