ITMS cameras at 30 locations to detect vehicles breaking traffic rules, despite police cutting challans at these places | ट्रैफिक नियम तोड़ने वाली गाड़ियों को डिटेक्ट करने 30 लोकेशन पर आईटीएमएस के कैमरे, बावजूद पुलिस इन्हीं जगह पर काटती रही चालान


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भोपाल12 घंटे पहले

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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो।

भोपाल की ट्रैफिक पुलिस का ध्यान ट्रैफिक मैनेजमेंट से अधिक खुद का खजाना भरने पर है। करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से आईटीएमएस ( इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत 30 तिराहे-चौराहों पर करीब 300 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। जो यातायात नियम तोड़ने वाली गाड़ियों को डिटेक्ट करते हैं। बाद में इन्हीं कैमरों की तस्वीर को आधार बनाकर चालान भेजे जाते हैं। इसके बावजूद पुलिस तिराहे-चौराहों पर लगे आईटीएमएस जंक्शन के कैमरों के नीचे ही गाड़ियों के चालान बनाती है। हैरानी की बात यह कि पुलिस अधिकारियों को यह सब कुछ दिखने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस की मनमानी सालों से चलती रही। रविवार को ट्रैफिक के एसआई श्रीराम दुबे पर चाकू से हुए जानलेवा हमले के बाद मंगलवार को डीआईजी ने तिराहे-चौराहे पर चेकिंग प्वाइंट पर कागज नहीं चेक करने के निर्देश दिए।

चालान ऑनलाइन, जुर्माना हाथों-हाथ

आईटीएम के तहत चालान ऑनलाइन भेजे जाते हैं। लेकिन जुर्माना भरने के लिए ऑनलाइन कोई सुविधा ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं है। पुलिस जुर्माना मैन्यूअली ही लेती है। जबकि तकनीक के नाम पर लाखों रुपए पुलिस हर साल खर्च करती है।

24 जगह आइटीएमएस जंक्शन

बोर्ड ऑफिस चौराहा, लिंक रोड-1, लिंक रोड-2, लिंक रोड-3, पिपलानी चौराहा, रोशनपुरा चौराहा, बोर्ड ऑफिस चौराहा, गणेश मंदिर चौराहा, खानूगांव, वीआईपी रोड, भेल चौराहा, बागसेवनिया थाने के पास, कोर्ट चौराहा, डिपो जंक्शन, बाणगंगा, चेतक ब्रिज तिराहा समेत 24 लोकेशन पर कैमरों का जंक्शन बनाया गया है। छह अन्य लोकेशन पर सीधी रोड पर कैमरे लगाए गए हैं। जो हर पल वाहनों को डिटेक्ट करते हैं।

पूर्व के इन आदेश को भूल गई ट्रैफिक पुलिस

डीआईजी इरशाद वली से पहले समय-समय पर पुलिस के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से आदेश आते रहे हैं। इससे पहले यह आदेश आया था कि चेकिंग प्वाइंट पर निरीक्षक स्तर का अधिकारी के साथ जांच की जाएगी। इसके पहले तत्कालीन आईजी जयदीप प्रसाद ने यलो कार्ड लाया था। जिसे पुलिस को दिखाने के बाद पुलिस आपसे कागज नहीं देखती थी। लेकिन यह प्रक्रिया भी दो-तीन महीनें में बंद हो गई। इसके साथ ही चेकिंग प्वाइंट पर चलते वाहन के सामने खड़े होकर वाहन नहीं रोकने के निर्देश भी दिए गए थे।

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