Bharatpur ACB reached Jaipur headquarters, presented documents in front of DG, BSP state president demanded action | कोरोना के कारण छोड़ा, नेता प्रतिपक्ष की CM को चिट्ठी, बोले- जब आसपास के जिलों तक में कोरोना के शून्य तो छोड़ा क्यों, अब ACB ने मंगाए दस्तावेज


भरतपुर9 मिनट पहले

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डॉक्टर अनिल गुप्ता। - Dainik Bhaskar

डॉक्टर अनिल गुप्ता।

भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में 7 अगस्त को डॉक्टर अनिल गुप्ता को ट्रेप कर उसे छोड़ने के मामले में आज भरतपुर ACB को जयपुर मुख्यालय बुलाया गया। जिसके बाद डीजी बीएलसोनी ने भरतपुर ACB के अधिकारियों के साथ बैठक की और डॉक्टर ट्रेप मामले के सभी दस्तावेज देखे। इस मामले में अब सियासत शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष ने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर मामले की फिर से और ठीक से जांच कराने की बात कही है।

असल में डॉक्टर को पकड़े जाने के दिन ही रात को छोड़ दिया गया था। बताया गया था कि डीजी बीएल सोनी के आदेश पर छोड़ा गया। इसके बाद डीजी ने कहा था कि महामारी के दौर में अभी मरीजों को देखना महत्वपूर्ण होने के कारण डॉक्टर को छोड़ा गया है। हालांकि अब जयपुर ACB मुख्यालय की तरफ से जारी किए प्रेस नोट में बताया गया की डॉक्टर को ट्रेप करने के बाद पूछताछ में सामने आया की डॉक्टर को हार्ट से सम्बंधित कई तरह की बीमारियां हैं और उसे पहले भी हार्ट अटैक हो चुका है। जिसका इलाज चल रहा है। इसके अलावा डॉक्टर का ब्लड प्रेशर भी काफी बढ़ा हुआ था। जिसके कारण डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया गया। लेकिन अब इस मामले की जांच एडिशनल लेबल के अधिकारी करेंगे। और जांच कर डॉक्टर की गिरफ़्तारी का निर्णय लिया जाएगा।

कटारिया बोले- कोरोना के शून्य मामले, और बहाना महामारी की गंभीरता का

नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखते हुए कहा है कि डॉक्टर को ट्रेप कर छोड़ने के मामले में मेरी बात डीजी बीएल सोनी से हुई थी। उन्होंने कहा था कि कोरोना काल में डॉक्टर्स की सेवाओं की जरुरत होती है। इसलिए ऐसे प्रकरणों में पहले भी डॉक्टर्स को छोड़ा गया है। उसी प्रक्रिया के चलते डॉक्टर अनिल गुप्ता को छोड़ा गया है। कटारिया ने लिखा कि सोनी से बात के बाद मैंने राजस्थान के जिलों की कोरोना रिपोर्ट देखी तो पता लगा की 7 अगस्त को भरतपुर जिले में कोरोना के मामले जीरो हैं। इसके अलावा धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर में भी कोरोना का एक भी मामला नहीं है। उसके बाद भी कोरोनाकाल का बहाना लगाकर डॉक्टर अनिल गुप्ता को छोड़ दिया गया। जब रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गैर जमानती अपराध है। जिसमे पुलिस अपने स्तर से जमानत नहीं ले सकती। इसलिए इस मामले की जांच दोबारा करवाई जानी चाहिए।

बसपा ने कहा- सरकार भ्रष्टाचारियों को समर्थन दे रही है

बीएसपी के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने डॉक्टर ट्रेप मामले पर कहा की डॉक्टर ट्रेप कर छोड़ने से साफ़ जाहिर होता है की सरकार भ्रष्टाचारियों को खुला समर्थन दे रही है। सरकार को इस मामले की जांच करवानी चाहिए और डॉक्टर को छोड़ने में मामले में जिसका भी हाथ है उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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